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शिशॠको पानी कब से व कितना पिलाना चाहि�
6 महीने से कम उमà¥à¤° के बचà¥à¤šà¥‡ को पानी देने में कà¥à¤¯à¤¾ समसà¥à¤¯à¤¾ है? | Navjaat Shishu Ko Pani Pilana Chahiye Ya Nahi
6 महीने से कम उमà¥à¤° के शिशà¥à¤“ं को पानी देने से डायरिया और कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ की समसà¥à¤¯à¤¾ पैदा हो सकती है। वरà¥à¤²à¥à¤¡ हेलà¥à¤¥ ऑरà¥à¤—ेनाइजेशन के मà¥à¤¤à¤¾à¤¬à¤¿à¤• नवजात/शिशॠको पानी देने से उनका पेट à¤à¤° जाता है और वो दूध नहीं पी पाते। इससे शिशà¥à¤“ं को जरूरी पोषक ततà¥à¤µ नहीं मिल पाते और उनमें कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार होने का जोखिम बढ़ सकता है (1)।
कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ का शिकार होने के खतरे की सबसे बड़ी वजह है नवजात के पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾à¥¤ बताया जाता है कि शिशॠके जनà¥à¤® के à¤à¤• दिन बाद उसकी पेट की कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ केवल 5 से 7 ml ही होती है। तीसरे दिन तक यह कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ बढ़कर 27 ml हो जाती है। फिर 10 दिन का होते-होते बचà¥à¤šà¥‡ के पेट में लगà¤à¤— 81 ml जगह हो जाती है। इतने छोटे पेट को अगर पानी से à¤à¤° दिया जाà¤à¤—ा, तो कà¥à¤ªà¥‹à¤·à¤£ होना लाजमी है (2)। इसी वजह से 6 महीने तक के शिशॠको पानी पिलाने की आवशà¥à¤¯à¤•ता नहीं होती है, कà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि मां के दूध में ही परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ पानी होता है, जो शिशॠके लिठकाफी है।
बचà¥à¤šà¥‡ को पानी पिलाना कब शà¥à¤°à¥‚ करें?
मां-बाप को अकà¥à¤¸à¤° लगता है कि तपती गरà¥à¤®à¥€ है, तो उनके शिशॠको à¤à¥€ पानी की जरूरत होगी। सही जानकारी न होने की वजह से कई पेरेंटà¥à¤¸ समय से पहले ही बचà¥à¤šà¥‡ को पानी पिला देते हैं। इस कारण होने वाली समसà¥à¤¯à¤¾ के बारे में हम ऊपर बता ही चà¥à¤•े हैं। अब हम आगे बताà¤à¤‚गे कि शिशॠको किस उमà¥à¤° में पानी पिलाना चाहिठऔर किस उमà¥à¤° में नहीं।
जनà¥à¤® से 4 महीने तक के शिशॠ:
शिशà¥à¤“ं को छह महीने से पहले पानी की जरूरत नहीं पड़ती है। à¤à¤²à¥‡ ही मौसम कितना ही गरà¥à¤® कà¥à¤¯à¥‹à¤‚ न हो। दरअसल, मां के दूध में 80 पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¶à¤¤ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ पानी होता है। इसी वजह से इस उमà¥à¤° में शिशॠको पानी बिलà¥à¤•à¥à¤² à¤à¥€ न पिलाà¤à¤‚ (1)। कà¥à¤› लोग शिशà¥à¤“ं को जनà¥à¤® के à¤à¤• महीने से ही पेट दरà¥à¤¦ व अनà¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं के लिठगà¥à¤°à¤¾à¤‡à¤ª वॉटर à¤à¥€ देते हैं, जिसे वैजà¥à¤žà¤¾à¤¨à¤¿à¤• शोध गलत धारणा व आदत बताते हैं (3)।
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